नई दिल्ली, जुलाई 17 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। द्वारका जिला अदालत ने न्यायिक आदेश की अवहेलना करने वाले चार आरोपियों को अनोखी सजा दी। आरोपियों को अदालत के दैनिक कामकाज खत्म होने तक हाथ ऊपर करके खड़े रहने का निर्देश दिया गया। यह मामला 2018 की एक शिकायत से जुड़ा है जो वर्तमान में आरोप तय करने से पहले की सुनवाई के चरण में है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सौरभ गोयल की अदालत ने आदेश में कहा कि सुबह 10 बजे से 11 बजकर 40 मिनट तक दो बार प्रतीक्षा करने और मामले की सुनवाई के बावजूद आरोपियों की तरफ से जमानत बांड दाखिल नहीं किए गए। यह आचरण अदालत के समय की बर्बादी और पूर्व आदेश की अवहेलना है। अदालत ने आरोपियों को अदालत की अवमानना का दोषी मानते हुए आईपीसी की धारा 228 के तहत दोषी करार दिया। दोषी ठहराए गए आरोपियों के नाम कुलदीप, राकेश, उपासना और...
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