नई दिल्ली, अगस्त 19 -- सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि अदालतों को चुनाव अमान्य करने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि संपत्ति का खुलासा न करने से हर मामले में चुनाव परिणाम रद्द नहीं किए जा सकते। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि किसी विजयी उम्मीदवार ने संपत्ति से संबंधित जानकारी का खुलासा नहीं किया है, अदालतों को चुनाव को अमान्य करने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। पीठ ने कहा कि यह पता लगाना होगा कि क्या इस तरह से छुपाना या खुलासा न करना इतना बड़ा और व्यापक था कि इससे चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकता था? पीठ ने कहा कि हमारी राय में असली परीक्षा यह होगी कि किसी भी मामले में संपत्ति के बारे में जानकारी का खुलासा न करना परिणामी या अप्रासंगिक है, जिसका निष्कर्ष च...
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