भागलपुर, दिसम्बर 6 -- भागलपुर, कार्यालय संवाददाता। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए जिला प्रशासन, यातायात और नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान महज एक औपचारिकता बनकर रह गई है। हर बार जोर-शोर से शुरू किए गए अभियान के बाद अधिकारी अतिक्रमण हटाकर जाते हैं और उनके जाते ही कुछ घंटों में स्थिति जस की तस हो जाती है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि अतिक्रमण हटाने के बाद प्रशासन की ओर से स्थाई फॉलोअप और निगरानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण हटाए गए स्थानों पर तुरंत ही फिर से दुकानें सज जाती हैं। अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत अवैध रूप से बनी गुमटियों, ठेलों और सड़क पर रखे सामान को हटाया जाता है। जुर्माना भी वसूला जाता है। लेकिन अगले ही दिन या कभी-कभी तो कुछ घंटों के भीतर ही अतिक्रमणकारी फिर से अपनी जगह जमा लेते हैं। शहर में जाम लगना बड़ी समस...