रांची, जुलाई 8 -- अड़की प्रतिनिधि। खूंटी जिले के अड़की प्रखंड अंतर्गत चैनपुर गांव की सोम्बारी देवी इन दिनों अपनी जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही हैं। एक विधवा मां, तीन छोटे-छोटे बच्चों की जिम्मेदारी, बारिश में टपकता और कभी भी गिर जाने वाला घर, खाली पेट सोते बच्चे और सरकारी योजनाओं से पूरी तरह वंचित-यह स्थिति किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि सिस्टम की चुप्पी का आइना है। सोम्बारी देवी के मिट्टी से बने कच्चे घर का एक कमरा पूरी तरह जर्जर हो चुका है। दूसरा कमरा, जहां दीवारें गीली हैं और जमीन भी धंसी हुई है, वही एकमात्र ठिकाना है। इसी कमरे में वह तीन बच्चों और तीन बकरियों के साथ रात बिताती हैं। हर रात बारिश के साथ घर के गिर जाने का डर उन्हें सोने नहीं देता। बच्चों को लेकर वह पूरी रात जागती रहती हैं। न राशन कार्ड, न आधार, न सरकारी सहायता: सोम्बार...
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