बांका, फरवरी 9 -- पंजवारा(बांका), निज प्रतिनिधि। पंजवारा के सीमावर्ती बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित ऐतिहासिक बाबा कष्टहरनाथ महादेव मंदिर शिवभक्तों के लिए अटूट आस्था और विश्वास का केंद्र बना हुआ है।मान्यता है,कि यहाँ सच्चे मन से की गई पूजा भक्तों के सभी कष्टों को हर लेती है,इसलिए इन्हें 'कष्टहरनाथ' कहा जाता है।मान्यताओं के अनुसार,इस मंदिर का इतिहास मुगल काल से जुड़ा हुआ है।बताया जाता है,कि एक किसान जब खेत जोत रहा था,तब उसकी कुदाल एक अद्भुत पत्थर से टकराई।टक्कर इतनी तेज थी कि,किसान के माथे पर चोट लगी और रक्त बहने लगा।जब ग्रामीणों ने उस स्थान की खुदाई की,तो वहाँ से एक विशाल शिवलिंग प्रकट हुआ।कालांतर में लक्ष्मीपुर रियासत की रानी और बनैली स्टेट के राजाओं ने यहाँ मंदिर निर्माण और पूजन की विधिवत व्यवस्था करवाई।महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर यहाँ बाबा...