चंदौली, फरवरी 5 -- नमामि गंगे योजना के तहत नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा (एनएमसीजी) को अमली जामा पहनाने के लिए अब रेलवे ने भी कदम बढ़ाया है। रेलवे इन्वायरमेंट फंड से पीडीडीयू रेल मंडल कार्यालय पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में अपनी चार कालोनियों से निकलने वाले जलमल को शोधित करेगा। इसके लिए रि-साइक्लिंग प्लांट लगाने का काम भी शुरू हो चुका है। इस साल के अंत तक काम पूरा कर जलशोधन का कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्लांट से रोजाना पांच लाख लीटर पानी शोधित कर रेलवे अपने आधा दर्जन पोखरों और तालाबों में छोड़ेगा। इससे जहां गंगा में गिरने वाले सीवर पर रोक लगेगी वहीं प्रदूषण कम होगा और जलस्रोत भी बना रहेगा। रेल मंडल कार्यालय सहित स्टेशन, यार्ड और 17 कालोनियों से कुल लगभग 12 एमएलडी यानी 1.12 करोड़ लीटर सीवेज रोजाना निकलता है। यह जलमल सीधे ना...
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