मुंगेर, सितम्बर 1 -- धरहरा,एक संवाददाता। दरियापुर विक्रमपुर गांव के ग्रामीण चिकित्सक पंकज कुमार सिंह (48) की मौत ने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी। बरामदे में रोती-बिलखती पत्नी मुन्नी देवी का चीत्कार पूरे गांव को गमगीन कर रहा है। वह बार-बार यही कह रही है, सुबह तो तक सब ठीक था. क्लीनिक में मरीज देख रहे थे,. किसे पता था कि यह उनका आख़िरी दिन होगा। परिवार पर टूटा यह वज्रपात सिर्फ मुन्नी देवी तक सीमित नहीं है। उनके दो बेटे आशुतोष कुमार सिंह और समर सिंह पिता के कामकाज में हाथ बंटाते थे। दोनों ही मेडिकल की पढ़ाई के बाद पिता से प्रशिक्षण ले रहे थे। उनका सपना था कि पिता के साथ मिलकर एक बड़ा क्लीनिक खोलें और उसे आगे बढ़ाएं। गांव में बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराएं। लेकिन पिता के अचानक निधन ने उनकी राह बदल दी। अब न तो प्रशिक्षण पूरा हो सका और न ही ...
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