मुजफ्फरपुर, जून 21 -- इंडियन आर्मी अग्निवीर भर्ती में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अब आंखों की स्कैनिंग होगी। इससे अभ्यर्थियों की पहचान तैयार की जाएगी। यह व्यवस्था मुजफ्फरपुर के चक्कर मैदान में अगस्त में प्रस्तावित अग्निवीर बहाली से लागू होगी। अबतक फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सेना डिजिटल रिस्ट बैंड और बायोमेट्रिक प्रद्धति से अभ्यर्थियों का डाटा तैयार करती थी। इसी से मेडिकल जांच के दौरान अभ्यर्थियों की पहचान की जाती थी। शारीरिक दक्षता, शैक्षणिक व आवासीय जांच की प्रक्रिया के बाद मेडिकल से पहले अभ्यर्थियों की आंखों की स्कैनिंग (आइरिस स्कैन) की जाएगी। इसका डिजिटल डाटा तैयार होगा। इसके अलावा पहले की तरह बॉयोमेट्रिक पद्धति से अभ्यर्थियों का डाटा भी तैयार होगा। शारीरिक दक्षता और मेडिकल के बीच अभ्यर्थी फर्जीवाड़ा की कोशिश करते हैं। एक सैन्यधिकारी ने बताया...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.