नई दिल्ली, फरवरी 24 -- बिहार के मुजफ्फरपुर में बिजली विभाग में छापेमारी और कार्रवाई में खेल उजागर हुआ है। एक केस में छापेमारी के डेढ़ साल बाद एफआईआर दर्ज कराने का मामला उजागर हुआ। कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें रेड के महीनों बाद केस दर्ज कराए गए। पुलिस एफआईआर में देरी का कारण पूछ रही है तो विभाग में हड़कंप मच गया है क्योंकि, इससे आरोपी को फायदा तो विभाग को नुकसान की संभावना है। सरैया विद्युत सहायक अभियंता ओजैर आलम ने पारू मोहजम्मा गांव में पांच अगस्त 2024 बिंदेश्वर राय के यहां छापेमारी की थी। स्मार्ट मीटर बाइपास कर बिजली चोरी का मामला बताकर मीटर आदि जब्त किया गया। लेकिन, बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी इस छापेमारी को डेढ़ साल तक दबाए रखे। आरोप है कि मैनेज का खेल जब नहीं हुआ तो डेढ़ साल के बाद 16 फरवरी 2026 को एफआईआर दर्ज कराई गई। यह भ...