गुड़गांव, मई 9 -- गुरुग्राम। जून माह के अंत तक गांव मानेसर में निर्माणाधीन सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बनने के बाद तीन गांवों के गंदे पानी को यमुना में जाने से पहले शोधित किया जाएगा। दिल्ली-जयपुर हाइवे स्थित गांव मानेसर में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की तरफ से 25 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता का सीवर शोधन संयंत्र तैयार किया जा रहा है। इस संयंत्र में मानेसर, नाहरपुर और कासन गांव से निकल रहे गंदे पानी को शोधित किया जाएगा। अभी इन तीनों गांव का गंदा पानी एचएसआईआईडीसी के बरसाती नाले में बिना शोधित हुए गिरता है। ये पानी आगे जाकर बादशाहपुर नाले में मिल जाता है, जो नजफगढ़ नाले के माध्यम से यमुना को प्रदूषित करता है। यमुना को प्रदूषित होने से रोकने के लिए करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से इस सीवर शोधन स...
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