नई दिल्ली, फरवरी 22 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत स्पष्ट किया है कि समान काम के लिए समान वेतन का सिद्धांत केवल पद या काम की समानता पर आधारित नहीं हो सकता। कोर्ट ने कहा कि यदि दो कैडरों के बीच शैक्षणिक योग्यता में अंतर है तो उनके वेतन में अंतर को जायज ठहराया जा सकता है। जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल व जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि जब दो लोग अलग-अलग स्तर की शिक्षा पाएंगे तो निश्चिततौर पर उनके ज्ञान में अंतर होगा। उच्च शिक्षित व्यक्ति अधिक जानकारियों से सम्पन्न होगा और कम शिक्षा पाने वाले का अपना दायरा होगा। ऐसे में अधिक ज्ञान वाले व्यक्ति को अधिक वेतन मिलना अनुचित नहीं है। यह भी पढ़ें- फर्जी मेडिकल लगाकर ड्यूटी से छुट्टी लेने पर जा सकती है नौकरी? HC ने किया स्पष्ट बेंच ने यह टिप्पणी दिल्ली मेडिकल टेक्निकल एम्...
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