कोच्चि, अगस्त 5 -- केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला देते हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद राष्ट्रीय ध्वज को सूर्यास्त के बाद न उतारने के आरोप में दर्ज आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। यह मामला अंगमाली नगरपालिका के पूर्व सचिव वीनू सी कुंजप्पन के खिलाफ दर्ज हुआ था, जिन पर राष्ट्रीय सम्मान अधिनियम, 1971 की धारा 2(a) के तहत भारतीय ध्वज का अपमान करने का आरोप था। न्यायमूर्ति काउसार एदप्पागथ की सिंगल बेंच ने स्पष्ट किया कि जब तक जानबूझकर और अपमान की मंशा से ऐसा न किया गया हो, तब तक ध्वज को सूर्यास्त के बाद न उतारना अपने आप में कोई अपराध नहीं बनता। कोर्ट ने कहा, "जब तक राष्ट्रीय ध्वज का अपमान या अनादर करने की मंशा के साथ कोई जानबूझकर किया गया कृत्य न हो, तब तक 1971 के अधिनियम की धाराएं लागू नहीं की जा सकतीं। इस मामले में कोई भी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.