रांची, अगस्त 20 -- रांची, संवाददाता। झारखंड सरकार और सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) की संयुक्त पहल पर राज्य की अक्षय ऊर्जा क्षमताओं को लेकर एक अहम रिपोर्ट- पावरिंग प्रोग्रेस का विमोचन किया गया। यह अपनी तरह का पहला हाई-रेजोल्यूशन अध्ययन है, जिसमें राज्य के 24 जिलों और ब्लॉकों में 66 गीगावाट अक्षय ऊर्जा एवं स्टोरेज की संभावना का वैज्ञानिक आकलन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में 46 गीगावाट क्षमता विभिन्न अक्षय ऊर्जा तकनीकों और 20 गीगावाट पंप हाइड्रो एनर्जी स्टोरेज से विकसित की जा सकती है। इसमें सर्वाधिक क्षमता सोलर एनर्जी में है 41 गीगावाट, जिसमें यूटिलिटी-स्केल, रूफटॉप, फ्लोटिंग, एग्रीवोल्टैक्स और सीएसपी तकनीक शामिल हैं। गिरिडीह, रांची, गुमला, पश्चिमी सिंहभूम, हजारीबाग, पलामू और चतरा जैसे जिलों को उच्च क्षमता वाले ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.