अमरोहा, सितम्बर 16 -- रजबपुर। नेशनल हाईवे स्थित दरगाह बाबा फरीदी रहमतुल्लाह अलैह में रविवार को पूर्व सज्जादानशीन ख्वाजा राशिद फरीदी का उर्स अकीदत-ओ-एहतराम के साथ मनाया गया। कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश कर समा बांध दिया। अकीदतमंद झूमने पर मजबूर हो गए। उर्स की महफिल का आगाज तिलावते कुरान-ए-पाक से हुआ। इसके बाद नात व मनकबत पेश की गईं। मुफ्ती दानिश उल कादरी ने बुजुर्गों की तालीमात को अपनाने पर जोर दिया। कहा कि कामयाबी का रास्ता इन्हीं आस्तानों से होकर गुजरता है। बयान के बाद महफिल-ए-समा सजाई गई। बरेली से आए कव्वाल जीशान-फैजान ने बेहतरीन कलाम सुनाकर महफिल में नूरानियत का रंग भर दिया। फारसी में कलाम सुनकर अकीदतमंद झूमने पर मजबूर हो गए। कुल शरीफ के बाद दुआ संग उर्स का समापन हुआ। इस दौरान अमरोहा, मुरादाबाद, बदायूं पुरनपुर (पीलीभीत) हापुड़, दिल्ली...
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