हरिद्वार, नवम्बर 26 -- हरिद्वार। दिवाकर भट्ट की अंतिम यात्रा के दौरान भावुक माहौल के बीच लोगों की आवाजें गूंजती रहीं। देखो-देखो कौन गया. उत्तराखंड का शेर गया. नारों के बीच समर्थकों, आंदोलनकारियों और आम लोगों ने नम आंखों से अपने नेता को अंतिम विदाई दी। दिवाकर भट्ट के समर्थक सिर्फ हरिद्वार से नहीं, बल्कि टिहरी, देहादून, पौड़ी, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग सहित पर्वतीय जिलों से बड़ी संख्या में पहुंचे थे। कई आंदोलनकारी और पुराने साथी भावुक हो उठे। अंतिम दर्शन के दौरान सड़क किनारों, दुकानों पर खड़े लोग हाथ जोड़कर दिवाकर भट्ट को श्रद्धांजलि दे रहे थे। खड़खड़ी घाट पर पहले से ही बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। जनसैलाब और नारों की गूंज ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि दिवाकर भट्ट जनता के दिलों में गहर...