जौनपुर, फरवरी 21 -- शाहगंज, हिन्दुस्तान संवाद। नगर के रामलीला मैदान में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा के अंतिम दिन भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथावाचक राजन महाराज ने लंका दहन से लेकर भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक तक के प्रसंगों का मार्मिक वर्णन किया। जिसे सुनकर पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। कथा के दौरान महाराज ने बताया कि हनुमान जी ने लंका दहन अन्याय और अहंकार के अंत का प्रतीक है। इसके बाद मेघनाद वध और लक्ष्मण शक्ति का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और विश्वास बनाए रखना ही सच्ची भक्ति है। संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी के प्राणों की रक्षा करने का प्रसंग सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कुंभकर्ण वध और रावण वध का वर्णन करते हुए कथावाचक ने कहा कि अधर्म चाहे कितना भी ...
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