नई दिल्ली, जुलाई 25 -- नई दिल्ली। भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता अंतरराष्ट्रीय बाजार में वस्तु व सेवा क्षेत्र के लिए कारोबार के नए रास्ते खोलेगा। यूके से पहले भारत ने जापान, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात समेत 12 से अधिक देशों के साथ एफटीए किए हैं। विशेषज्ञ और उद्यमी मानते हैं कि भारत एफटीए और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के जरिए वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ को मजबूत करने की कोशिशों में लगा है। मौजूदा समय में सीमा शुल्क विवाद और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच यह समझौता भारत के लिए नए द्वार खोलेगा। खासकर इस समझौते से यूरोपीय यूनियन और अमेरिका के साथ आगामी व्यापार समझौते को दिशा मिलेगी। इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी) के अध्यक्ष पंकज चड्ढा कहते हैं कि इसका साफ संकेत है कि अब भारत किसी एक देश के बाजार पर निर्भर नहीं है और भारत अपन...
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