नई दिल्ली, नवम्बर 21 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दो महिलाओं की जमानत रद्द कर दी है। इन महिलाओं पर आरोप है कि वे अंतरराज्यीय बाल तस्कर गिरोह में शामिल रही हैं। दोनों नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त में गिरोह की मदद करती थीं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने आरोपी पूजा और बिमला की जमानत रद्द कर दी है। अदालत ने कहा कि नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त जैसे गंभीर व घिनौने अपराध न केवल बच्चों के अधिकारों और सम्मान का उल्लंघन हैं, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी गहरा नुकसान पहुंचाते हैं। न्यायमूर्ति अजय दिगपॉल की पीठ ने टिप्पणी की कि ऐसे अपराध समाज की नैतिक संरचना पर सीधा आघात करते हैं और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिलाएं दिल्ली, राजस्थान और गुजरात तक फैले एक संगठित क्रिमिनल सिंडिकेट का हिस्सा रही हैं। पुलिस...
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