रांची, मार्च 17 -- रांची। विशेष संवाददाता सरकारी, आदिवासी और गैरमजरूआ जमीन की गलत तरीके से रजिस्ट्री और म्यूटेशन करने के मामले की जांच के लिए दायर जनहित याचिका हाईकोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दी। चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि प्रार्थी ने जो आरोप लगाए हैं, उससे जुड़े दस्तावेज पेश नहीं किए गए हैं। ऐसे में इस याचिका पर सुनवाई नहीं की जा सकती। शिवशंकर शर्मा ने यह याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि रांची समेत राज्य के कई जिलों में अंचलाधिकारियों, सब रजिस्ट्रार और उपायुक्तों की मिली भगत से सरकारी, आदिवासी, कैसर ए हिंद की जमीन की जमाबंदी कर दी गयी है। इसकी शिकायत करने पर भी सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती है। याचिका में रांची के नामकुम, कांके समेत एक दर्जन अंचलाधिकारियों को प्रतिवा...
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