लखनऊ, जून 18 -- केजीएमयू में अंगदान पर जागरूकता कार्यक्रम अंगदान कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। अंगदान कठिन फैसला है। परिवारीजनों को तमाम तरह की मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ती है। लेकिन परिवारीजनों के फैसला कई मरीजों की जान बचा सकता है। यह बातें केजीएमयू में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (क्वीनमेरी) की डॉ. सुजाता देव ने कही। वे केजीएमयू के ब्राउन हाल में अंगदान जागरूकता एवं स्वास्थ्य भविष्य हेतु योग विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। केजीएमयू में आलम्बन एसोसिएट्स चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से कार्यक्रम हुआ। ट्रस्ट की सचिव डॉ. सुजाता देव ने कहा कि अंगदान से दूसरे जरूरतमंदों का जीवन बचाया जा सकता है। किडनी, लिवर, कॉर्निया व दिल समेत दूसरे अंग दान किए जा सकते हैं। अंगदान से मरीजों की दिक्कतें काफी हद तक दूर हो सकती ह...
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