देवरिया, मई 26 -- प्रतापपुर, हिन्दुस्तान संवाद। बजाज हिन्दुस्तान शुगर लिमिटेड चीनी मिल में स्थित बजाज देवालय में छह दिवसीय स्थापत्य वास्तु कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन सोमवार को आचार्य सुशील बलूनी ने वास्तु शास्त्र के पूरक विषय ज्योतिष पर चर्चा करते हुए कथा का रसपान कराया। आचार्य ने नौ अंकों के साथ -साथ शून्य एवं अनंत पर विशेष बल देते हुए बताया कि स्वयं को शून्य से विभाजित कर अनंत की प्राप्ति करना ही जीवन का परम उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि सातों वारों के नाम से सात ग्रह है इसके अतिरिक्त राहु व केतु छाया ग्रह के रूप में विद्यमान है। कहा कि कोई भी ग्रह ख़राब नहीं है व कोई भी इतना ख़राब नहीं की उसके सामने दूसरा कमतर हो, हर एक की उपयोगिता है। व्यक्ति को उसके अधिष्ठात्री ग्रह के अनुसार अपना भोजन, आचरण, व्यवसाय व करियर चुनना चाहिए। अगर ऐसा करते ...
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