नई दिल्ली, सितम्बर 26 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने फरवरी 2020 के दंगों के दौरान आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत के आदेश ने एक प्रकार से इस अपराध की 'अत्यधिक गंभीर' प्रकृति को रेखांकित कर दिया है। जस्टिस नीना कृष्णा बंसल ने कहा कि यह घटना मात्र एक 'सहायक अपराध नहीं, बल्कि एक बड़ी साजिश का भयावह रूप' है। अदालत ने कहा, 'उग्र भीड़ की ओर से अंकित शर्मा को घसीटना, 51 बार वार करने के साथ उनकी निर्मम हत्या करना और उसके बाद शव को नाले में फेंक देना, अपराध की गंभीरता को दर्शाता है। प्रथम दृष्टया पाया गया कि हुसैन की इन घटनाओं में 'मुख्य भूमिका' थी।' हाई कोर्ट ने जमानत देने से इनकार करते हुए आदेश में कहा, 'इस घटना को बड़ी साज़िश के रूप में देखना आवश्यक है...
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