पटना , दिसंबर 5 -- - बिहार विधानसभा ने आज 91,717.1135 करोड़ रुपये का द्वितीय अनुपूरक बजट तथा विनियोग विधेयक पारित कर दिया।
बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने ग्रामीण विकास पर हुई बहस का सरकार की ओर से विधानसभा में जवाब देते हुए कहा कि राज्य की लगभग 89 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में बसती है और ग्रामीण विकास विभाग गरीबी उन्मूलन और आजीविका सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह विभाग प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास सहायता योजना, मनरेगा, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, आधार पंजीकरण, सोशल ऑडिट सोसाइटी के कार्यक्रम, डेवलपमेंट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट की गतिविधियों और जीविका जैसी विभिन्न प्रमुख योजनाओं का संचालन करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गरीब ग्रामीण परिवार इन कल्याणकारी योजनाओं पर काफी कुछ निर्भर करते हैं।
श्री कुमार ने कहा कि बिहार में करीब 1.40 करोड़ महिलाएँ जीविका के स्वयं सहायता समूह नेटवर्क से जुड़ चुकी हैं और इच्छुक महिलाओं को समूह से लगातार जोड़ा जा रहा है। महिलाओं की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई आजीविका योजनाएँ चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 साल के कार्यकाल में जीविका ने महिलाओं को सम्मानजनक जीवन और आर्थिक स्वतंत्रता से जीने अवसर दिया है। विश्व बैंक की सहायता से 2006 में शुरू हुई यह पहल बिहार को बड़े पैमाने पर महिला सशक्तिकरण मॉडल अपनाने वाला देश का पहला राज्य बनाती है।
मंत्री ने कहा कि 42.54 लाख से अधिक महिलाएँ कृषि संबंधित कार्यों में लगी हैं और 12.40 लाख से अधिक परिवार पशुधन गतिविधियों से आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर प्रखंड में चलाए जा रहे सिलाई प्रशिक्षण केंद्र रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। अब तक 40,000 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और वित्तीय वर्ष 2025-26 में अकेले 50,000 से अधिक जीविका सदस्य इन कार्यक्रमों के तहत रोजगार प्राप्त कर चुकी हैं।
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