पटना , दिसंबर 31 -- बिहार समाज कल्याण विभाग की सचिव श्रीमती बंदना प्रेयषी ने बुधवार को कहा कि पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण के लिये राज्यभर में संचालित 67 हजार से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से पेंशनधारियों को उनके निवास स्थान के नजदीकी स्तर पर जीवन प्रमाणीकरण की सुविधा प्रदान की जा रही है।
राज्य सरकार द्वारा बिहार में संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत पेंशनधारियों के जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरे राज्य में निरंतर, सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है। विभाग द्वारा संकलित अद्यतन एवं नवीनतम आंकड़ों के अनुसार राज्य के सभी 38 जिलों में कुल 34,71,116 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है।
वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 4.85 लाख लाभार्थियों का प्रमाणीकरण सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
जीवन प्रमाणीकरण की यह पहल सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुदृढ़ एवं वास्तविक लाभार्थियों पर केंद्रित बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ केवल पात्र एवं जीवित पेंशनधारियों तक समय पर, निर्बाध एवं सम्मानजनक ढंग से पहुँचे, साथ ही पेंशन से संबंधित डाटा की शुद्धता एवं अद्यतन स्थिति भी बनी रहे।
प्रमाणीकरण अभियान का शुभारंभ 22 दिसंबर से किया गया है। इस अभियान के तहत विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन एवं वृद्ध पेंशन योजना के लाभार्थियों का ई-केवाईसी के माध्यम से जीवन प्रमाणीकरण किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत सभी पेंशनधारकों के लिए वर्ष में एक बार जीवन प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य है।
हाल के दिनों में जीवन प्रमाणीकरण को लेकर कुछ माध्यमों में भ्रामक एवं तथ्यहीन सूचनायें प्रसारित की जा रही हैं। इस संदर्भ में समाज कल्याण विभाग यह स्पष्ट करता है कि जीवन प्रमाणीकरण के लिए किसी भी प्रकार की अंतिम तिथि निर्धारित नहीं की गई है। पेंशनधारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह एक सतत रूप से जारी है। पेंशनधारी अपनी सुविधानुसार अपने नजदीकी सीएससी केंद्र जाकर अपना निःशुल्क जीवन प्रमाणीकरण करा सकते है ।
श्रीमती बंदना प्रेयषी ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ प्रत्येक वास्तविक एवं पात्र पेंशनधारी तक निर्बाध रूप से पहुंचे। उन्होंने कहा कि जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया इसी उद्देश्य से लागू की गई है। 22 दिसम्बर 2025 से अब तक 34.71 लाख से अधिक पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण यह प्रमाणित करता है कि यह व्यवस्था प्रभावी, भरोसेमंद एवं जन-हितैषी सिद्ध हो रही है।
सचिव ने बताया कि पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण के लिये राज्यभर में संचालित 67 हजार से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से पेंशनधारियों को उनके निवास स्थान के नजदीकी स्तर पर जीवन प्रमाणीकरण की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीएससीके व्यापक नेटवर्क राज्य के 534 प्रखंडों एवं 8,053 ग्राम पंचायतों एवं गांवों/वार्डो तक विस्तारित है, जिससे शहरी एवं ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में पेंशनधारियों को निःशुल्क, सरल एवं सुगम सेवा सुनिश्चित हो रही है, जिससे कोई भी पात्र लाभार्थी सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभ से वंचित न रह जाए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित