नयी दिल्ली , अप्रैल 24 -- संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने दूरसंचार ऑपरेटरों से भारत के6जी विजन का नेतृत्व करने के लिए वैश्विक अनुसंधान एवं विकास मानकों के अनुरूप चलने का आग्रह किया है।

उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी स्थिर नहीं है और 6जी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम तकनीक अगली पीढ़ी की तकनीक हैं, जो रोमांचक और चुनौतीपूर्ण दोनों हैं। एक मजबूत दूरसंचार क्षेत्र का निर्माण सरकार और उद्योग दोनों के सहयोग से ही संभव है। डॉ पेम्मासानी चंद्रशेखर शुक्रवार को दिल्ली में एक दिवसीय सेल्यूलर आपरेटर्स एसोसिएशन ( सीओएआई) डिजीकॉम समिट 2026 के दूसरे संस्करण के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन का विषय 'इंडियाज टेकेड: एक्सिलेरेटिंग एंड सेपिंग द डिजिटल फ्यूचर' था।

पिछले दशक में भारत के दूरसंचार क्षेत्र की वृद्धि के लिए सरकार और उद्योग के बीच समन्वय की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने दूरसंचार क्षेत्र में काफी प्रगति की है और इसमें आए बदलाव क्रांतिकारी रहे हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में दूरसंचार क्षेत्र का राजस्व 10.7 प्रतिशत बढ़कर 3.72 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि जून 2025 तक इस क्षेत्र में 2.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश विदेशी पूंजी के मजबूत विश्वास को दर्शाता है।

सीओएआई के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. एस.पी. कोचर ने कहा, " आज दूरसंचार सिर्फ कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है बल्कि यह इससे जुड़े वाले सभी क्षेत्रों का मूल्यवर्धन करने वाली प्रणाली है जो वित्त, स्वास्थ्य सेवा, शासन और उद्यम जैसे क्षेत्रों को सशक्त बनाती है।"उन्होंने कहा कि भारत की डिजिटल यात्रा के अगले चरण में प्रवेश करते हुए, हमारा ध्यान विश्वास और सहयोग पर आधारित बुद्धिमान, सुरक्षित और लचीले नेटवर्क के निर्माण पर केंद्रित होना चाहिए।

संचार राज्य मंत्री ने अपने उद्घाटन भाषण में दूसरसंचार उपकरणों के स्वदेशी विनिर्माण को मजबूत करने का श्रेय प्रत्यक्ष विदेशी निवेश वृद्धि और पीएलआई की सफलता को दिया। दूरसांचर क्षेत्र की उपलब्धियों के संदर्भमें विश्व की सबसे बड़ी ग्रामीण ब्रॉडबैंड पहल के तहत 2.6 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को जोड़ने के कार्यका भी उल्लेख किया। उन्होंने 'चक्षु' से लेकर संस्थागत खुफिया जानकारी तक, नागरिकों को स्पैम और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाने के लिए बहुस्तरीय रणनीति की रूपरेखा भी प्रस्तुत।

उद्योग जगत के योगदान को सराहते हुए श्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहा कि 5जी का रोलआउट लगभग22 महीनों में पूरा हो गया, जिसमें 5.1 लाख से अधिक बेस स्टेशन और 40 करोड़ से अधिक ग्राहक शामिल हैं। भारत में 1.22 अरब से अधिक ग्राहक हैं, वैश्विक स्तर पर सबसे कम टैरिफ और प्रति उपयोगकर्ता डेटा खपत के मामले में भी यह शीर्ष देशों में से एक है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने दूरसंचार नीति के लगभग हर प्रमुख पहलू को नये सिरे से तैयार किया है। दूरसंचार अधिनियम, 2023 भारत के दूरसंचार कानून का 140 वर्षों से अधिक समय में पहला व्यापक पुनर्लेखन है, जो स्पष्ट प्राधिकरण अवसंरचना, मजबूत उपभोक्ता संरक्षण और उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए प्रावधान प्रदान करता है। वर्ष 2021 के सुधार पैकेज ने तर्कसंगत एजीआर ( कुल समग्र राजस्व) , बकाया राशि पर चार साल की मोहलत, बैंक गारंटी को हटाने और इक्विटी रूपांतरण के मार्ग के माध्यम से वित्तीय व्यवहार्यता के लिए पूर्वानुमान को बहाल किया।

गति शक्ति संचार पोर्टल के माध्यम से राइट-ऑफ-वे सुधारों ने शुल्क को युक्तिसंगत बनाया है और मंजूरी को सुव्यवस्थित किया है, जिससे समय-सीमा में काफी कमी आई है। राष्ट्रीय आवृत्ति आवंटन योजना 2025 और पूर्वानुमानित नीलामी समय-सीमा के माध्यम से स्पेक्ट्रम युक्तिकरण किया गया है।

उन्होंने कहा कि भारत का भारतनेट विश्व का सबसे बड़ा ग्रामीण ब्रॉडबैंड कार्यक्रम है। इसका लक्ष्य 2.6 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को जोड़ना है जिसमें दीर्घकालिक संचालन और रखरखाव की व्यवस्था शामिल है। संचार साथी, डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म, चकशु और एएसटीआर को मिलाकर नागरिक सुरक्षा अवसंरचना भी बड़े पैमाने पर स्थापित किया गया है, जो दूरसंचार क्षेत्र को उसके इतिहास में प्राप्त सबसे व्यापक नीतिगत समर्थन ढांचा है।

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