अमृतसर , जनवरी 02 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता प्रो सरचंद सिंह ख्याला ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों से जुड़े गंभीर मामले में गिरफ्तार किये गये सी.ए. सतिंदर सिंह कोहली की अमृतसर में पुलिस द्वारा पेशी के दौरान पत्रकारों के साथ किये गये दुर्व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ करार दिया है।
प्रो. ख्याला ने शुक्रवार को कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की मर्यादा से जुड़े इस संवेदनशील मामले में न तो सच को दबाया जा सकता है और न ही जनता की आवाज़ को। सच, पारदर्शिता और जवाबदेही ही इस गंभीर मामले में न्याय की दिशा तय कर सकती है। उन्होंने कहा कि जिस मामले से सिख कौम की आस्था और धार्मिक संवेदनाएं सीधे तौर पर जुड़ी हों, उसमें हर छोटी से छोटी कार्रवाई के बारे में जनता को जानने का पूरा अधिकार है। पावन स्वरूपों के मामले में किसी भी प्रकार की गोपनीयता, अस्पष्टता या जानकारी छिपाने का प्रयास संदेह पैदा करता है और जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाता है।
प्रो. ख्याला ने कहा कि सतिंदर सिंह कोहली की अदालत में पेशी के दौरान पत्रकारों को अंधेरे में रखना, कवरेज से रोकना और उनके साथ दुर्व्यवहार करना न केवल मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि सच्चाई को जनता तक पहुंचने से रोकने का असफल प्रयास भी है। यह रवैया किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने मांग की कि पावन स्वरूपों के मामले में पारदर्शिता को केंद्र में रखते हुए पुलिस और न्यायिक प्रणाली द्वारा की जा रही प्रत्येक कार्रवाई की जानकारी प्रतिदिन के आधार पर प्रेस के साथ साझा की जाये और यह सुनिश्चित किया जाए कि मीडिया को अपने कर्तव्य निर्वहन से न रोका जाये।
प्रो. ख्याला ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और उनके साथ हुई बदसलूकी से पूरे पत्रकार समुदाय में जो रोष उत्पन्न हुआ है, उसे शांत करने के लिए प्रशासन को तुरंत संवेदनशील और जिम्मेदार कदम उठाने चाहिए। साथ ही, इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी गलती दोहराई न जाये।
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