दंतेवाड़ा , नवंबर 10 -- त्तीसगढ में दंतेवाड़ा जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत आगामी 15 नवंबर से शुरू होने वाले धान उपार्जन कार्य से पहले प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अवैध धान भंडारण पर बड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने 09 नवंबर 2025 को नकुलनार और गंजेनार क्षेत्र के विभिन्न व्यापारियों के गोदामों पर छापेमारी करते हुए कुल 280 बोरी धान जब्त किया है।

यह कार्रवाई कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन और खाद्य अधिकारी कीर्ति कौशिक के मार्गदर्शन में की गई। टीम में राजस्व विभाग, खाद्य विभाग और कृषि उपज मंडी गीदम के अधिकारी शामिल थे।

संयुक्त जांच के दौरान मे. पासवान ट्रेडर्स, नकुलनार के गोदाम से 250 बोरी धान तथा चंद्रपाल सिंह भदौरिया के गोदाम से 30 बोरी धान बिना वैध दस्तावेजों के भंडारित पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यवाही कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 के उल्लंघन के तहत की गई है। दोनों स्थानों से बरामद धान को जप्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

वहीं, मे. विपिन ट्रेडर्स, गंजेनार में 30 क्विंटल धान और विवेक सिंह, नकुलनार के गोदाम में 225 क्विंटल धान पाया गया, लेकिन दोनों व्यापारियों ने जांच के दौरान वैध बी-1 पंजी और मंडी पर्ची प्रस्तुत की, जो सही पाई गई।

कार्रवाई में कुआकोंडा तहसीलदार लीलाधर चंद्रा, नायब तहसीलदार केजाराम पटेल, मंडी उपनिरीक्षक बालमुकुंद यादव, तथा खाद्य निरीक्षक धीरेंद्र कश्यप, प्रमोद कुमार सोनवानी और सचिन कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी से पहले किसी भी व्यापारी द्वारा अवैध भंडारण या विक्रय की कोशिश की गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा, ताकि किसानों के हितों की रक्षा की जा सके और अवैध धान कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित