विजयवाड़ा , फरवरी 11 -- आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर ने कहा कि राज्य सरकार ने 2047 तक 308 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था और 55 लाख रुपये प्रति व्यक्ति आय हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

बुधवार को बजट सत्र की शुरुआत पर विधानसभा और विधान परिषद की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने बताया कि 2025-26 के प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 15.91 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 17.62 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो 10.75 प्रतिशत की नाममात्र वृद्धि दर्शाता है। प्रति व्यक्ति आय 2.66 लाख रुपये से बढ़कर 2.95 लाख रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में 7.83 प्रतिशत, उद्योग क्षेत्र में 9.53 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र में 12.94 प्रतिशत वृद्धि ने इस प्रगति को गति दी है।

राज्यपाल ने बताया कि राजधानी अमरावती का पुनर्निर्माण नई गति से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं का वित्तीय समापन, भूमि पूलिंग में प्रगति और पारदर्शी, तकनीक-सक्षम प्रक्रियाओं ने किसानों का भरोसा फिर मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि 'अमरावती क्वांटम वैली' पहल के माध्यम से शहर को क्वांटम और उन्नत प्रौद्योगिकी के वैश्विक केंद्रों में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि सरकार कल्याण और विकास के बीच संतुलन बनाते हुए एक ऐसे चक्र का निर्माण करना चाहती है, जिसमें निवेश आधारित आर्थिक वृद्धि सामाजिक सशक्तिकरण को मजबूती दे और सामाजिक प्रगति आर्थिक विकास को निरंतर बनाए रखे।

राज्य में लागू प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने बताया कि 'एनटीआर भरोसा' के तहत 63.12 लाख पेंशनधारियों को मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। 'थल्लिकी वंदनम' योजना के अंतर्गत 66 लाख से अधिक विद्यार्थियों की माताओं के बैंक खातों में प्रतिवर्ष 15,000 रुपये की सहायता राशि सीधे हस्तांतरित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उन्नत क्षेत्रों में उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम तकनीक को आर्थिक परिवर्तन की अगली बड़ी शक्ति बताते हुए उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र भविष्य में ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।

व्यवसाय सुगमता बढ़ाने और समयबद्ध स्वीकृतियों के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। भारत-यूरोपीय संघ और भारत-अमेरिका समझौतों जैसे वैश्विक व्यापार विकासों का लाभ उठाते हुए राज्य समुद्री उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यात को बढ़ावा दे रहा है।

उन्होंने बताया कि स्पेस सिटी, एयरोस्पेस सिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी, ड्रोन सिटी, क्वांटम वैली, ग्रीन हाइड्रोजन सिटी और सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र जैसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।

राज्यपाल ने यह भी दोहराया कि गोदावरी नदी पर पोलावरम परियोजना को पूर्ण करने तथा हैंद्री-नीवा सुजला स्रावंती परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है, जिससे सूखा-प्रभावित क्षेत्रों को ठोस लाभ मिल सके।

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