हैदराबाद , दिसंबर 08 -- तेलंगाना के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने सोमवार को कहा कि राज्य 2047 तक यातायात शून्य-उत्सर्जन क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने के लिये प्रतिबद्ध है।
श्री प्रभाकर ने तेलंगाना राइज़िंग वैश्विक सम्मेलन 2047 में कहा कि बिजली से चलने वाले वाहन अब न सिर्फ एक पर्यावरणीय आकांक्षा हैं, बल्कि राज्य की दीर्घकालिक विकास रणनीति का एक केंद्रीय स्तंभ भी हैं।
श्री प्रभाकर ने कहा कि तेलंगाना का 'ग्रीन मोबिलिटी' विजन भारत की शून्य-उत्सर्जन प्रतिबद्धताओं और तेलंगाना राइजिंग 2047 रोडमैप के साथ पूरी तरह से से मेल खाता है। उन्होंने राज्य की ईवी अपनाने की नीति पर कहा कि तेलंगाना ने देश में इलेक्ट्रिक-वाहन को बढ़ावा देने वाली सबसे बेहतरीन रूपरेखाओं में से एक पेश की है। एक सरकारी आदेश के अनुसार, तेलंगाना में 31 दिसंबर 2026 तक खरीदे जाने वाले हर इलेक्ट्रिक-वाहन पर रोड़ टैक्स और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत की छूट प्रदान की है।
श्री प्रभाकर ने कहा कि सरकार खुद भी ईवी की ओर रुख करेगी। सभी सरकारी विभागों और निगमों के लिये सालाना कम से कम 25 प्रतिशत इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदना या लीज पर लेना ज़रूरी होगा, जिससे ईवी बनाने वाली कंपनियों को एक मज़बूत मार्केट सिग्नल मिलेगा।
उन्होंने कहा कि शून्य-उत्सर्जन यातायात और शून्य-हताहतों वाली सड़कें साथ-साथ चलनी चाहिए। इसलिये सरकार ने सारथी और वाहन जैसे ऐप्स से यातायात सेवाओं का डिजिटलीकरण किया है और चेक-पोस्ट खत्म किये हैं। श्री प्रभाकर ने हाइवे पर एआई-संचालित प्रवर्तन और आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्रों का भी ज़िक्र किया।
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