कानपुर , फरवरी 18 -- कानपुर नगर के सरसैयाघाट स्थित नवीन सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला वर्ष 2026 तक कानपुर नगर को बाल श्रम मुक्त बनाने के उद्देश्य से विचार विमर्श हुआ।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाल श्रम की समाप्ति के लिए सभी बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित कर उनका ठहराव बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों के अधिसूचित निरीक्षक भी नियमित रूप से बाल श्रम निरीक्षण, कार्रवाई और पुनर्वासन की प्रक्रिया अपनाएं। साथ ही खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी बाल श्रमिकों के नियोजन के मामलों में सक्रिय कार्रवाई करें। जिलाधिकारी ने बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वासन के लिये गठित जिला टास्क फोर्स की नियमित बैठकें कराने के भी निर्देश दिए।

श्रम विभाग के राज्य समन्वयक सैयद रिजवान अली ने कार्यशाला में जानकारी दी कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक सभी जिलों को बाल श्रम मुक्त बनाना है, जबकि चयनित आकांक्षी जनपदों को दिसंबर 2026 तक बाल श्रम मुक्त किया जाना है। उन्होंने कानपुर नगर को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच आपसी समन्वय, संयुक्त कार्रवाई और एक मंच पर कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही ईंट-भट्टों सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के पंजीकरण पर भी बल दिया गया।

बैठक में उपस्थित व्यापार मंडल एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि वे आगामी दो माह में अपने-अपने संगठनों के माध्यम से बाल श्रम न कराने का अभियान चलाएंगे तथा बाल श्रम मुक्त प्रतिष्ठानों पर विशेष स्टीकर लगाने की पहल करेंगे। एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन तथा ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने भी बाल श्रम उन्मूलन में गैर-सरकारी संगठनों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और पुनर्वासन कार्यों में सहयोग का आह्वान किया।

कार्यशाला में श्रम, शिक्षा, पंचायती राज, समाज कल्याण, महिला कल्याण, पुलिस, एएचटीयू, कौशल विकास मिशन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, व्यापार मंडल एवं गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से यह संकल्प दोहराया कि समन्वित प्रयासों के माध्यम से कानपुर नगर को तय समय सीमा में बाल श्रम मुक्त बनाया जाएगा।

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