पूर्णिया/ कटिहार , मार्च 12 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी ने गुरूवार को आरोप लगाया कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में अपहरण उद्योग चलता था और पूर्णिया उसका केंद्र हुआ करता था।

श्री चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान पूर्णिया के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में अपहरण उद्योग चलता था और उसका केंद्र पूर्णिया हुआ करता था। उन्होंने कहा कि उस समय अपराधी वारदात को अंजाम देकर पूर्णिया और सीमांचल के रास्ते दूसरे राज्यों और पड़ोसी देशों की ओर भाग जाते थे। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में न्याय के साथ विकास और सुशासन की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनी, तब अपराधियों को चुन-चुनकर जेल भेजा गया।

श्री चौधरी ने कहा कि आज महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर रही हैं और गांवों में भी बेफिक्र होकर रहती हैं। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव था। उस समय गांवों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं नहीं थीं, जिसके कारण लोगों को पलायन करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि उस जमाने में राज्य में केवल छह हजार किलोमीटर सड़कें थीं और बाहर से आने वाले यात्री उपहास के साथ कहते थे कि इस बात का पता नही चलता है कि सड़क में गड्ढा है या गड्ढे में सड़क।

उप मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में राजग सरकार ने करीब एक लाख 40 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण कराया है। उन्होंने कहा कि बिहार का बजट कभी छह हजार करोड़ रुपये था, वह आज बढ़कर लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये हो गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित