पटना , जनवरी 19 -- बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सोमवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्राकृतिक खेती एवं पर्यावरण संरक्षण के विज़न और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के किसानों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के संकल्प के अनुरूप जनवरी 2026 में दो विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
श्री यादव ने आज बयान जारी कर कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय में निरंतर वृद्धि, कृषि के आधुनिकीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री श्री मोदी के "किसानों की आय दोगुनी", आत्मनिर्भर भारत एवं प्राकृतिक और सतत कृषि के विज़न तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आत्मनिर्भर बिहार और कृषि आधारित समावेशी विकास के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में एक ठोस कदम है। इसी उद्देश्य से कृषि विभाग, बिहार के अंतर्गत कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा), जमुई द्वारा किसानों के लिए एक महत्वाकाँक्षी अंतरराज्यीय प्रशिक्षण एवं परिभ्रमण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्राकृतिक खेती एवं पर्यावरण संरक्षण के विज़न और मुख्यमंत्री श्री कुमार के किसानों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के संकल्प के अनुरूप जनवरी 2026 में दो और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 19 जनवरी से 20 किसानों का एक दल आईसीएआर-आईएआरआई, हजारीबाग में पांच दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण प्राप्त करेगा, जिससे रसायन मुक्त खेती और मृदा स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी को 20 किसानों का एक अन्य दल केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ जाएगा, जहां पुराने फलों के बागों के वैज्ञानिक जीर्णोद्धार की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे बागवानी उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।
श्री यादव ने बताया कि अब तक उन्नत बकरी पालन के लिए 20 किसानों के दल ने आईसीएआर केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मखदूम, मथुरा में तीन दिवसीय प्रशिक्षण-सह-परिभ्रमण प्राप्त किया है, जहां उन्नत नस्लों, पोषण प्रबंधन एवं स्वास्थ्य देखभाल की जानकारी दी गई। इसी प्रकार सब्जी उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से 20 किसानों ने भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी में पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिसमें मल्चिंग तकनीक, उन्नत बीज चयन और वैज्ञानिक उत्पादन पद्धतियों पर विशेष जोर दिया गया।
कृषि मंत्री ने बताया कि दलहन उत्पादकता बढ़ाने के लिए 20 किसानों के दल को भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर में तीन दिवसीय शैक्षणिक-सह-परिभ्रमण कराया गया है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत जमुई जिले के चयनित प्रगतिशील किसानों को देश के प्रतिष्ठित कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थानों में भेजा जा रहा है, जिससे वे आधुनिक, वैज्ञानिक और नवाचार आधारित कृषि तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से सीख सकें। प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटने के बाद ये किसान अपने क्षेत्र में अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे और आधुनिक खेती को बढ़ावा देंगे।
श्री यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री कुमार के विज़न के अनुरूप "ज्ञान से उत्पादन और उत्पादन से समृद्धि" की अवधारणा को साकार करेगा। उन्होंने कहा कि इससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसान कम लागत में अधिक आय अर्जित कर आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर होंगे।
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