हैदराबाद , मार्च 28 -- तेलंगाना की आशा कार्यकर्ताओं के शनिवार को अपनी लंबित मांगों और 18,000 रुपये मासिक निश्चित वेतन की मांग को लेकर किये गये विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया। इसके कारण पुलिसने कई आशा कार्यकताओं को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार उनकी प्राथमिक मांग 18,000 रुपये मासिक वेतन तय करना है, क्योंकि वर्तमान मानदेय उनकी आजीविका की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है। वे इस बजट सत्र के दौरान सरकार से इस संबंध में स्पष्ट घोषणा की उम्मीद कर रही हैं।
माकपा के पूर्व विधायक जुलकांती रंगा रेड्डी ने एक बयान में कहा कि लंबित आश्वासनों पर सरकारी निष्क्रियता के कारण विरोध प्रदर्शन तेज हुआ है और सरकार विरोध की अनुमति न देकर आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है।
प्रदर्शनकारियों ने मानदेय के भुगतान में देरी का मुद्दा भी उठाया और बताया कि पिछले कई वर्षों से सर्वेक्षण, पोलियो अभियान, चुनावी ड्यूटी और परीक्षा कार्यों से संबंधित भुगतान भी लंबित हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार से मिलने वाली 1,500 रुपये प्रति कार्यकर्ता की राशि भी वितरित नहीं की गयी है, जिससे उन्हें गंभीर वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सरकार उनके आवागमन पर लगे प्रतिबंध हटाये, समय पर मानदेय सुनिश्चित करे और सभी बकाया राशि का तत्कालभुगतान करे।
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