पटना , अप्रैल 15 -- भारत की जनगणना 2027 के तहत 17 अप्रैल से 01 मई तक चलने वाली स्व-गणना की प्रक्रिया में अधिकतम जनता की सहभागिता सुनिश्चित करने में पूरी टीम लगी हुई है।
पहली बार आम लोगों को इस माध्यम से खुद जनगणना में हिस्सा लेने का अवसर प्रदान किया गया है। डिजिटल मोड में होने वाली इस जनगणना के प्रथम चरण में 02 मई से 31 मई के बीच मकान सूचीकरण एवं आवास गणना किया जाना है। इस दौरान 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। इससे पहले 17 अप्रैल से इसी कार्य को आम लोग कहीं से भी पोर्टल के माध्यम से कर पाएंगे।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने बुधवार को समीक्षा बैठक में कहा कि जनगणना की प्रक्रिया को अधिक सुगम, सटीक और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से इस बार स्व-गणना पद्धति पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने जिला स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने और अधिक से अधिक लोगों को स्व-गणना के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल 2026 से एक मई 2026 तक प्रथम चरण के तहत नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इस प्रक्रिया से समय की बचत होगी और आंकड़ों की शुद्धता भी सुनिश्चित होगी। साथ ही पोर्टल पर दर्ज सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित रहेंगी।
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