नई दिल्ली , नवंबर 18 -- एचसीएलटेक की भारत में कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी को आगे बढ़ाने वाली इकाई एचसीएल फाउंडेशन ने आज अपने 'स्पोर्ट्स फॉर चेंज' कार्यक्रम के तहत देश के शीर्ष और उभरते पैरा-एथलीट्स को समर्थन देने की नई पहल की घोषणा की।

एचसीएल फाउंडेशन की 'स्पोर्ट्स फॉर चेंज' पहल विविध और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले युवा खिलाड़ियों को खेल के माध्यम से व्यक्तिगत और पेशेवर बदलाव लाने के लिए सशक्त बनाती रही है। पैरालम्पिक कमिटी ऑ इंडिया (पीसीआई) के सहयोग से शुरू की जा रही नई पहल का उद्देश्य शीर्ष पैरा-एथलीट्स को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में मजबूत समर्थन देना है।

कुल 14 शीर्ष पैरा-एथलीट्स को 37 लाख रुपये मूल्य के स्पोर्ट्स उपकरण दिए गए। जिन खिलाड़ियों को यह सहायता मिली उनमें संदीप सिर्गर: लगातार तीन वर्षों (2022-24) तक डब्ल्यूपीए ग्रां प्री में भाला फेंक में गोल्ड। गायत्री एचएम : 2024 वर्ल्ड बोसिया चैलेंजर, काहिरा (मिस्र) में सिल्वर। कस्तूरी राजमणी: 2024 पैरा पॉवरलिफ्टिंग वर्ल्ड कप , पटाया (थाईलैंड) में ब्रॉन्ज। प्रदीप कुमार: 2022 हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में भाला फेंक में सिल्वर और माराकेच 2023 ग्रां प्री में ब्रॉन्ज। अमिषा रावत: 2023 डब्ल्यूपीए ग्रां प्री, नॉटविल (स्विट्ज़रलैंड) में भाला फेंक में ब्रॉन्ज। भाग्यश्री माधवराव जाधव: 2022 हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में शॉट पुट में सिल्वर।

इसके अलावा, एचसीएल फाउंडेशन की 'स्पोर्ट्स फॉर चेंज' पहल के तहत समर्थित छह उभरते पैरा-एथलीट्स को उनकी आवश्यकताओं के आधार पर 1 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति दी गई।

एचसीएलटेक में ग्लोबल सीएसआर की एसवीपी और एचसीएल फाउंडेशन की डायरेक्टर डॉ. निधि पुंधीर ने कहा "पिछले कुछ सालों में भारतीय पैरा-एथलीट्स ने वैश्विक खेल मंचों पर शानदार प्रदर्शन किया है और देश का नाम रोशन किया है। हम अपने 'स्पोर्ट्स फॉर चेंज' पहल के माध्यम से उनके प्रयासों को समर्थन देने पर गर्व महसूस करते हैं, जिसने बदलाव की दिशा में एक अहम भूमिका निभाई है. हम अपने कार्यक्रमों के जरिए खिलाड़ियों और व्यापक समुदाय की प्रगति को आगे भी तेज करते रहेंगे।"पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा, "भारत के पैरा-एथलीट्स ने अद्भुत प्रतिभा और शानदार जज़्बा दिखाया है। सही समर्थन मिले तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी बड़ी सफलताएं हासिल कर सकते हैं। एचसीएल फाउंडेशन जैसी संस्थाएं पैरा-स्पोर्ट्स के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करने में अहम भूमिका निभाती हैं, जहां खिलाड़ियों को बेहतरीन उपकरण, प्रशिक्षण और पोषण उपलब्ध कराया जाता है। ऐसी पहल न सिर्फ हमारे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाती हैं, बल्कि भारतीय खेलों में समावेशन और गर्व की भावना को भी मजबूत करती है।"अब तक एचसीएल फाउंडेशन के 'स्पोर्ट्स फॉर चेंज' कार्यक्रम के जरिए 64,000 से ज्यादा खिलाड़ियों तक पहुंच बनाई गई है, जिनमें से 25 पैरा-एथलीट्स ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। एचसीएल फाउंडेशन ने अब तक स्पोर्ट्स फॉर चेंज पहल के तहत करीब 80 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

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