रायगढ़ , जनवरी 12 -- छत्तीसगढ में रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में जिंदल पावर लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित कोल ब्लॉक स्थापना एवं खनन परियोजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सोमवार को क्षेत्र के 14 ग्रामों के हजारों महिला-पुरुष ग्रामीण तमनार थाना पहुंचे, जहां उन्होंने थाना प्रभारी सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किए जाने की मांग को लेकर लिखित ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि जिंदल पावर लिमिटेड तमनार द्वारा कोल ब्लॉक स्थापना एवं खनन हेतु जनसुनवाई की अनुमति शासन से विधि विरुद्ध रूप से प्राप्त की गई। इसके बाद दिनांक 08 दिसंबर 2025 को ग्राम धौराभांठा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान में जनसुनवाई कराए जाने की सूचना ग्रामीणों को दी गई थी, किंतु बाद में अधिकारियों द्वारा कुटरचित दस्तावेज तैयार कर बिना ग्रामीणों को अवसर दिए, गोपनीय तरीके से नियत स्थल से अलग स्थान पर जनसुनवाई संपन्न कराई गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस कथित अवैध जनसुनवाई में थाना प्रभारी तमनार श्रीमती कमला पुसाम ठाकुर, घरघोड़ा अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस बल, एसडीओपी धरमजयगढ़, एसडीओपी अनिल विश्वकर्मा सहित जिंदल प्रबंधन के अधिकारी एवं कर्मचारी आपसी मिलीभगत से शामिल रहे।
प्रार्थी ग्राम टांगरघाट, आमगांव, तिलाईपारा, बिजना, खुरूसलेंगा, समकेरा, रायपारा, धौराभांठा, झरना, लिबरा, झिंकाबहाल, बागबाड़ी, बुड़िया एवं महलोई के शांतिप्रिय कृषकों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों, अधिकारियों एवं संबंधित संस्था के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए अपराध पंजीबद्ध किया जाए।
ग्रामीणों ने बताया कि शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, राज्यपाल, पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ मानवाधिकार आयोग, प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय एवं राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) को भी प्रेषित की गई है।
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