नयी दिल्ली , फरवरी 13 -- सरकार ने देश भर में प्रस्तावित 12 नए ग्रीनफील्ड औद्योगिक शहरों एवं नोड के विकास के लिए काम शुरू कर दिया है और इन सभी के लिए विशेष प्रयोजन इकाइयों/कंपनियों (एसपीवी) का गठन कर दिया गया है। इनमें नौ के लिए ठेकेदार भी नियुक्त कर दिये गये हैं तथा दो की आधारशिला भी रख दी गयी है।
वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि इनमें से 11 परियोजनाओं के लिए वन एवं पर्यावरण विभाग की स्वीकृति हासिल की जा चुकी है और दो परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।
सरकार ने देश के नये लक्ष्यों और आवश्यकताओं के अनुसार विनिर्माण और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 12 जगह नये समन्वित औद्योगिक शहर अथवा नोड बनाने की बड़ी योजना शुरू की है। इनमें एकीकृत मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी), खुरपिया, उत्तराखंड , आईएमसी, राजपुरा-पटियाला ,पंजाब, दिघी पोर्ट औद्योगिक क्षेत्र, रायगढ़ महाराष्ट्र, पलक्कड़ औद्योगिक क्षेत्र, केरल , जोधपुर पाली मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र , राजस्थान , आईएमसी, हिसार (हरियाणा), आईएमसी, आगरा, आईएमसी, प्रयागराज , आईएमसी, गया , ओरवाकल (कुरनूल) औद्योगिक क्षेत्र, आंध्र प्रदेश, कोप्पर्थी औद्योगिक क्षेत्र, कडपा (आंध्र प्रदेश) और जहीराबाद औद्योगिक क्षेत्र संगारेड्डी, तेलंगाना की परियोजनाएं शामिल हैं।
श्री प्रसाद ने बताया कि इन सभी परियोजनाओं के संचालन हेतु विशेष प्रयोजन इकाइयों (एसपीवी) का गठन किया जा चुका है और उनके लिए इक्विटी पूंजी जारी करने के साथ कार्यक्रम प्रबंधकों (पीएमएनसी) की नियुक्ति की जा चुकी है। ये प्रबंधक परियोजना के समग्र क्रियान्वयन की निगरानी तथा विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय एवं सामंजस्य सुनिश्चित करने का दायित्व निभाएंगे।
उन्होंने बताया कि बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों के डिजाइन, निर्माण, परीक्षण, शुरुआत (कमीशनिंग) और संचालन एवं रखरखाव हेतु इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) ठेकेदार का चयन किया गया है और नौ परियोजनाओं के लिए ईपीसी ठेकेदारों की नियुक्ति की गई है। एक और परियोजना के लिए मूल्यांकन पूर्ण हो चुका है तथा ठेकेदार के चयन को अंतिम रूप दे दिया गया है। दो परियोजनाओं की आधारशिला रखी जा चुकी है।
इन औद्योगिक शहर/नोड के विकास के सड़कों, जल आपूर्ति, सीवरेज और बिजली वितरण सहित आंतरिक मुख्य बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराई जाती है। थोक जल आपूर्ति, बिजली, दूरसंचार और सड़कों जैसी बाहरी कनेक्टिविटी संबंधी बुनियादी ढांचे का पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) पोर्टल पर व्यापक रूप से खाका बनाया एवं परीक्षण किया गया है और शेयरधारक समझौते (एसएचए)/राज्य सहायता समझौते (एसएसए) की शर्तों के अनुसार संबंधित राज्य एसपीवी द्वारा इसे उपलब्ध कराया जाता है।
मंत्री ने बताया कि इससे पहले पूरे हो चुके चार औद्योगिक शहरों (धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र, शेंद्रा बिडकिन औद्योगिक क्षेत्र, ग्रेटर नोएडा में एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप, विक्रम उद्योगपुरी में एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप) में कुल 434 घरेलू और वैश्विक कंपनियों को 4,641 एकड़ के भूखंड आवंटित किए गए हैं।
इनमें ह्योसुंग (दक्षिण कोरिया), एनएलएमके (रूस), टाटा केमिकल्स, टोयोटा किर्लोस्कर (जापान), रिन्यू पावर, कोआटल फिल्म्स (अमेरिकी सहयोग), फुजी सिल्वरटेक (जापानी), जे-वर्ल्ड (दक्षिण कोरिया) और अमूल आदि शामिल हैं।
भारत सरकार द्वारा अगस्त 2024 में अनुमोदित 12 नए ग्रीनफील्ड औद्योगिक शहर वर्तमान में विकास के विभिन्न चरणों में हैं। इन ग्रीनफील्ड औद्योगिक शहरों के लिए निवेशकों से अभी तक प्रतिबद्धता नहीं मांगी गई है। संबंंधित राज्यों की औद्योगिक नीतियों और राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुरूप इन औद्योगिक शहरों की योजना पर्याप्त आवास और स्कूल, स्वास्थ्य सेवा आदि जैसे सामाजिक बुनियादी ढांचे से लैस करके बनाई गई है। कुल परियोजना क्षेत्र का 20 प्रतिशत से 30 प्रतिशत हिस्सा गैर-औद्योगिक उपयोगों के लिए आरक्षित है।
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