उज्जैन , अप्रैल 11 -- मध्यप्रदेश की प्राचीन एवं धार्मिक नगरी उज्जैन में प्रतिवर्ष भीषण गर्मी के दिनों में होने वाली 118 किलोमीटर की पैदल पंचकोशी यात्रा परंपरागत तरीके से 12 अप्रैल से शुरू होने के पूर्व आज सैकड़ों श्रद्धालु आज यात्रा पर रवाना हो चुके हैं।

प्राचीन परंपरा अनुसार वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष से शुरू होकर अमावस्या तक चलने वाली 118 किमी लंबी कठिन पंचक्रोशी यात्रा की औपचारिक शुरुआत इस वर्ष 12 अप्रैल से होनी थी। लेकिन आस्था का सैलाब दो दिन पहले ही निकल पड़ा है। श्रद्धालुओं ने पटनी बाजार स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर में नारियल चढ़ाकर अपनी यात्रा का श्रीगणेश कर दिया है।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह था कि वे अपने खाने-पीने की पोटली सिर पर रखे आगे बढ़ते जा रहे हैं और दोपहर की चिलचिलाती धूप और थकान मिटाने के लिए बने पंडालों में विश्राम करते। यात्रा शुरू करने के पूर्व श्रद्धालुओं ने शहर के मध्य स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर में नागदेवता से प्रार्थना की ताकि यात्रा में किसी प्रकार की कठिनाई न हो और पैदल चलने की शक्ति प्राप्त करते हैं।

तेजल पंचकोशी यात्रा से जुड़े सूत्रों के अनुसार पहले दिन आज हजारों श्रद्धालुओं ने रामघाट पर आराम किया और सुबह-सुबह शिप्रा स्नान व नागचंद्रेश्वर से बल लेकर यात्रा पर निकल पड़े।

इस प्राचीन धार्मिक पैदल पंचकोशी में पड़ोसी राज्य राजस्थान व गुजरात सहित इंदौर, रतलाम, शाजापुर, धार, देवास के अलावा प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्र के श्रद्धालु शामिल होते हैं। प्रशासन विभिन्न स्थान पर टैंकर और विश्राम स्थल बनाए हैं। ग्रामीणों ने भी अपने खेतों में टेंट लगाकर भोजन की व्यवस्था की है। उज्जयिनी सेवा समिति ने भोजन प्रसाद निर्माण का काम शुरू किया है।

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