नयी दिल्ली , जनवरी 24 -- उत्तर प्रदेश राज्य की स्थापना की ऐतिहासिक स्मृति को चिरस्थाई बनाने तथा प्रदेश की सांस्कृतिक, सामाजिक एवं विकासपरक उपलब्यिों को व्यापक रूप से जन-जन तक पहुचाने के उद्देश्य से शनिवार को यहां दिल्ली हाट में ''विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश '' की थीम पर उत्तर प्रदेश दिवस-2026 कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस अवसर पर राज्य की समृद्ध संस्कृति, पर्यटन, कला एवं सामाजिक योगदान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को यहां राज्य स्थापना दिवस के मौके पर कुंभ आधारित टेबल बुक का विमोचन किया।

श्री मौर्य ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन संभावनाओं एवं वैश्विक पहचान को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा " उत्तर प्रदेश देश का दिल और आत्मा है। राज्य सरकार की ओर से 2018 से प्रत्येक वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जा रहा है। चौबीस जनवरी प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक दिन है।"उन्होंने कहा , "वर्ष 2017 से लेकर के 2026 तक उत्तर प्रदेश ने यह दिखा दिया कि वह एक संभावनाओं का राज्य है। उत्तर प्रदेश रामकृष्ण, गौतम की धरती, महावीर का ज्ञान वाला प्रांत है। यह वह उत्तर प्रदेश है जहाॅ बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी है। यह भगवान श्री राम की जन्मभूमि है। तीर्थराज प्रयाग जो तीर्थ का राजा कहलाता है। यहाॅ प्रत्येक वर्ष माघ मेला होता है तथा कुंभ में करोड़ों की संख्या में लोग आते हैं।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश ने पिछले लगभग नौ वर्षों में हर क्षेत्र में विकास किया है तथा यहां रोजगार के अनेक अवसर स़जित किए गए हैं। देश में जो करीब 25 करोड लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं, उसमें सर्वाधिक संख्या उत्तर प्रदेश की है। उन्होंने जोर दिया कि जब कोई भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था चलती है तो कई क्षेत्रों में विकास तीव्र गति से आगे होने लगता है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा , "विकसित भारत बनाने में सबसे अधिक योगदान उत्तर प्रदेश का होगा। आज हम एक बीमारू राज्य नहीं है बल्कि विकास पथ पर तीव्र गत से चलने वाले राज्य है।"कार्यक्रम में श्री लंका, मॉरीशस, कनाड़ा, रूस, सिंगापुर आदि विभिन्न देशों के माननीय राजदूतगण सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने सहभागिता की। डॉ० वेदपति मिश्रा, महानिदेशक पर्यटन ने स्वागत संबोधन दिया गया।

इस अवसर पर दिल्ली-एनसीआर में रह रहे उत्तर प्रदेश के विशिष्ट व्यक्तियों को विभिन्न क्षेत्रों जैसे पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति आदि में किए गए उत्कृष्ट कार्यों हेतु सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध राधाकृष्ण पर आधारित नृत्य की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रहीं, जिनमें लोकनृत्य, संगीत एवं कला की झलक देखने को मिली।

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