राजकोट , जनवरी 12 -- गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) की फलश्रुति के रूप में राजकोट में 'सौराष्ट्र इकोनॉमिक रीजन एसएईआर-इकोनॉमिक मास्टर प्लान' विषय पर सेमिनार का सोमवार को आयोजन किया गया।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस को अब क्षेत्रीय स्तर पर ले जाना भविष्य की जरूरतों को पहचानने की प्रधानमंत्री की अनूठी क्षमता का नतीजा है। इस दृष्टिकोण से स्थानीय उद्योगों को वैश्विक प्लेटफॉर्म मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को एक नई गति मिलेगी।

वाणिज्य मंत्री ने सौराष्ट्र के विकास के लिए तैयार किए गए 30 वर्षों के दीर्घकालिक इकोनॉमिक मास्टर प्लान की जानकारी देते हुए कहा कि क्लस्टर आधारित विकास मौजूदा समय की मांग है। इस प्लान के अंतर्गत राजकोट में इंजीनियरिंग और मेडिकल डिवाइस पार्क तथा जामनगर में पेट्रोकेमिकल्स जैसे विशिष्ट क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।

श्री गोयल ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा, जिसमें गुजरात की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहेगी। विशेषकर, 2047 तक सौराष्ट्र का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 11 से 12 गुना बढ़कर 600 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा और गुजरात 'विकसित भारत' के संकल्प का मुख्य आधार स्तंभ बना रहेगा।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय में अपर सचिव अजय भादू ने इस अवसर पर सौराष्ट्र के उद्यमियों से केवल 'सप्लायर' होने की सोच से आगे बढ़कर 'सिस्टम और सॉल्यूशन प्रोवाइडर' बनने का आह्वान किया। उन्होंने राजकोट के इंजीनियरिंग, मोरबी के सिरेमिक और जामनगर के एनर्जी क्लस्टर को ग्लोबल वैल्यू चेन के साथ जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ग्रीन हाइड्रोजन, डिफेंस, एयरोस्पेस और प्रिसिजन मैन्युफेक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए प्लग एंड प्ले इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है।

सेमिनार में 'गुजरात राज्य परिवर्तन संस्था जेड-जीआरआईटी' की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एस. अपर्णा ने मास्टर प्लान की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि बंदरगाह और परिवहन विभाग के सचिव श्री राजेन्द्र कुमार ने सौराष्ट्र-कच्छ के बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बड़े निवेश के अवसरों के बारे में एक प्रेजेंटेशन दिया। राजकोट चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री वी.पी. वैष्णव ने भी निवेशकों को इस क्षेत्र को ग्लोबल इंडस्ट्रियल हब बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के विभिन्न तकनीकी सत्रों में देश और दुनिया के विशेषज्ञों ने रक्षा, एयरोस्पेस और एक्सपोर्ट मैनेजमेंट जैसे विषयों पर गहराई से चर्चा की। जिनमें महिंद्रा लाइफस्पेस के विक्रम गोयल, जेएएफजेडए के यूसुफ तांबावाला और पीडब्ल्यूसी इंजिया के मोहम्मद अथर जैसे विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए।

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