जयपुर , अक्टूबर 04 -- राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा है कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश में भव्य उत्सवों के आयोजन का निर्णय लिया गया है।

श्री राठौड़ ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि इसी क्रम में राजस्थान प्रदेश में भी वंदे मातरम् 150 अभियान को जनभागीदारी के महाउत्सव के रूप में मनाने की तैयारी की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश स्तरीय मुख्य आयोजन सात नवम्बर को एसएमएस स्टेडियम, जयपुर में होगा, इसमें सामूहिक रूप से 'वंदे मातरम्' का गायन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर के बाद राज्य के सभी प्रमुख जिलों, अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर, सीकर, भीलवाड़ा और अलवर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

श्री राठौड़ ने बताया कि वंदे मातरम् का अर्थ है 'माद्रे वतन को सलाम'। यह राजनीति करने का नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने का अभियान है। हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक इस अभियान से जुड़कर देशभक्ति की भावना को सशक्त करे। पक्ष और विपक्ष दोनों में राष्ट्रप्रेम की भावना समान रूप से प्रबल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब भी कुछ लोगों को "वंदे मातरम्" से आपत्ति है, तो यह राष्ट्रभावना की कमी को दर्शाता है। जिस व्यक्ति को देश या सेना के अपमान की चिंता नहीं है, उसमें राष्ट्रभक्ति का अभाव है और ऐसे लोगों में राष्ट्रभावना जागृत करने की आवश्यकता है। अब भी देश में ऐसे व्यक्ति है जिन्हें अपने परिवार की चिंता है, अपने परिवार को सुदृढ़ करने की भावना अधिक है, यह राष्ट्र भक्ति की कमी नहीं है तो क्या है! ऐसे व्यक्तियों में राष्ट्र की भावना जागृत करने की जरूरत है।

श्री राठौड़ ने बताया कि वंदे मातरम् 150 केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, स्वदेशी भावना और राष्ट्रीय एकता का जनआंदोलन है। यह अभियान हर नागरिक में देशप्रेम और राष्ट्रनिष्ठा की भावना को सशक्त करेगा। उन्होंने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि वे इस अवसर पर वंदे मातरम् की भावना से जुड़ें और इस गीत को पुनः भारत के हृदय में नई ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक बनाएं। राठौड़ ने बताया कि एक ओर हम वंदे मातरम् के 150वां वर्ष मना रहे है, वहीं दूसरी ओर बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती भी हर्षोल्लास से मना रहे है। यह कार्यक्रम युवाओं के लिए प्ररेणादायक बनेंगे।

उन्होंने कहा कि भाजपा इतिहास पुरुषों का स्मरण करती है, महिमा मंडन करती है तो इसमें भी विपक्ष को राजनीति नजर आती है, लेकिन ये कार्यक्रम राष्ट्र भक्ति की भावना को जागृत करने के उद्देश्य से किए जा रहे है। विपक्ष को भी ऐसे महापुरुषों के स्मरण में कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए।

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