अमरावती , जनवरी 04 -- ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (मजलिस) के अध्यक्ष एवं सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस ) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनौती दी है कि वे संसद में "लव जिहाद" के कथित मामलों पर आधिकारिक आंकड़े पेश करें।

श्री ओवैसी ने रविवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पिछले 11 सालों में रिपोर्ट किए गए ऐसे मामलों की संख्या और इस शब्द की स्पष्ट कानूनी परिभाषा भी रिकॉर्ड पर रखे।

यह विवाद शनिवार को भोपाल में संघ प्रमुख मोहन भागवत के भाषण से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि "लव जिहाद" जैसे मुद्दों को परिवारों के भीतर बातचीत को मजबूत करके हल किया जा सकता है। श्री भागवत ने परिवारों को बच्चों के साथ धर्म, संस्कृति और परंपराओं पर चर्चा करने की सलाह दी थी और महिलाओं से सतर्क रहने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि ऐसी घटनाएं परिवारों में बातचीत की कमी के कारण बढ़ रही हैं।

श्री ओवैसी ने इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 18 या 21 साल की उम्र के वयस्कों को व्यक्तिगत निर्णय लेने का संवैधानिक और कानूनी अधिकार है। उन्होंने कहा, "वे किससे शादी करना चाहते हैं या किसके साथ संबंध बनाना चाहते हैं, यह किसी और की पसंद या विचारधारा से तय नहीं किया जा सकता।" उन्होंने भाजपा और संघ की आलोचना करते हुए कहा कि वे बेरोजगारी और लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर स्थिति जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी प्रतिष्ठान इन मुख्य मुद्दों पर जवाब देने में विफल रहा है।

श्री ओवैसी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता शरद पवार को भी निशाना बनाया।

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