नयी दिल्ली , जनवरी 28 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में हाल में किये गये सुधारों, नयी श्रम संहिताओं और कम महंगाई दर का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार 'रिफॉर्म्स एक्सप्रेस' के रास्ते पर अग्रसर है।
श्रीमती मुर्मु ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 11 साल में देश की आर्थिक नींव बहुत मजबूत हुई है। विभिन्न वैश्विक संकटों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। महंगाई दर को कम रखने का रिकॉर्ड और बेहतर हुआ है जिसका इसका सीधा फायदा देश के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को हो रहा है।
उन्होंने कहा, "सरकार की नीतियों के कारण देशवासियों की आय बढ़ी है, बचत बढ़ी है और खरीद शक्ति में भी वृद्धि हुई है।"यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार संधि पर सहमति के लिए देशवासियों को बधाई देते हुए उन्होंने इसे भारत के विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को गति देने वाला "ऐतिहासिक कदम" बताया और कहा कि इससे देश के युवाओं के लिए रोजगार के अनेक नये अवसर पैदा होंगे।
श्रीमती मुर्मु ने कहा कि सरकार 'रिफॉर्म्स एक्सप्रेस' के पथ पर चल रही है और पुराने नियमों तथा प्रावधानों को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से निरंतर बदला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जीएसटी में किये गये सुधारों के कारण देशवासियों को एक लाख करोड़ रुपये की बचत सुनिश्चित हुई। जीएसटी में कटौती के बाद साल 2025 में दुपहिया वाहनों का पंजीकरण दो करोड़ के पार पहुंच गया जो अपने-आप में नया रिकॉर्ड है। सरकार ने 12 लाख रुपये तक की आय पर कर शून्य करने का ऐतिहासिक फैसला किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे सुधारों से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को अभूतपूर्व फायदा हो रहा है और देश की अर्थव्यवस्था को भी नयी गति मिली है।
राष्ट्रपति ने कहा कि देश ने नये सेक्टरों के उदय के साथ श्रमिकों के हितों को सुरक्षित करने के लिए नये श्रम कानून लागू किये हैं। लंबे समय से देश की श्रम-शक्ति दर्जनों कानूनों में उलझी हुई थी। इसे अब सिर्फ चार संहिताओं में सीमित किया गया है। इससे श्रमिकों को उचित वेतन-भत्ते और अन्य कल्याणकारी लाभ मिलने आसान हुए हैं। देश के युवाओं और महिलाओं को इसका खास तौर से फायदा होगा।
उन्होंने बताया कि उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना से अब तक लगभग दो लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है और 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उत्पादन हुआ है। देश का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर अभूतपूर्व गति से विकास कर रहा है। बीते 11 साल में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में छह गुणा वृद्धि हुई है और यह 11 लाख करोड़ रुपये का हो चुका है।
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