भोपाल , दिसंबर 03 -- महिला सुरक्षा शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन में "मुस्कान विशेष अभियान'' पूरे प्रदेश में 01 नवंबर से 30 नवंबर तक संचालित किया गया। मुख्यमंत्री की मंशानुसार गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी, महिला सुरक्षा सुदृढ़ करने तथा समाज में बालिकाओं के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से चलाए गए इस अभियान ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। अभियान के दौरान प्रदेश में 1 हजार 903 लापता बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब किया गया, जिससे अनेक परिवारों को राहत मिली है।

अभियान के अंतर्गत राज्यभर की थाना पुलिस, जिला पुलिस, साइबर सेल, जीआरपी/आरपीएफ तथा महिला एवं बाल सुरक्षा डेस्क ने सक्रिय भूमिका निभाई। तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज की जांच, अंतरराज्यीय समन्वय और दूरदराज क्षेत्रों में सघन तलाश के माध्यम से पुलिस ने अनेक जटिल मामलों का समाधान किया। कई जिलों में पुलिस टीमों ने सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर बालिकाओं को सकुशल परिजनों तक पहुँचाया।

अभियान का मुख्य उद्देश्य गुमशुदा एवं अपहृत बालिकाओं की खोज के साथ-साथ छात्रों को महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, कानूनी प्रावधान, बाल विवाह और गुड टच-बैड टच की जानकारी देना रहा। इस उद्देश्य से प्रदेश के 13 हजार 108 विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 16 लाख 15 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रदान की गई।

आगरमालवा, अशोकनगर, विदिशा, अलीराजपुर और हरदा जिलों ने दस्तयाबी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। पुलिस कमिश्नरेट इंदौर द्वारा 144, धार जिले में 110 तथा रतलाम में 73 बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब किया गया। अभियान के दौरान राजस्थान, उत्तरप्रदेश, गुजरात, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश/तेलंगाना और बिहार राज्यों से भी बालिकाओं को सुरक्षित वापस लाया गया।

अभियान में कई जटिल मामलों का सफल निष्पादन किया गया। सीधी जिले की थाना मझौली पुलिस ने भारत-नेपाल बॉर्डर से महीनों से लापता किशोरी को दस्तयाब किया। गुना जिले की राघौगढ़ थाना पुलिस ने तकरीबन 1000 किलोमीटर दूर राजस्थान के जैसलमेर में पाकिस्तान सीमा के निकट से अपहृत किशोरी को सकुशल बरामद किया।

देवास, सीहोर और अशोकनगर पुलिस ने 6 घंटे में, जबकि शिवपुरी पुलिस ने 12 से 24 घंटे में गुमशुदा बालिकाओं को ढूंढ निकालने में सफलता प्राप्त की। विदिशा पुलिस ने 13 वर्ष बाद, झाबुआ पुलिस ने 9 वर्ष बाद, गुना पुलिस ने 12 वर्ष बाद तथा नीमच पुलिस ने 17 वर्ष बाद लापता बालिकाओं को दस्तयाब कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

"मुस्कान विशेष अभियान'' ने न केवल बालिकाओं की सकुशल वापसी सुनिश्चित की, बल्कि समाज में महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता का वातावरण भी सुदृढ़ किया है।

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