नयी दिल्ली , जनवरी 09 -- दिल्ली विधानसभा ने गुरुवार को 'फांसी घर' विवाद को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल , पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष राम निवास गोयल और पूर्व उपाध्यक्ष राखी बिड़लान के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पेश किये गये प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

गौरतलब है कि ये नेता पहले बुलाए जाने के बावजूद विशेषाधिकार समिति के सामने पेश नहीं हुए थे। उनके पेश न होने के कारण, विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट विधानसभा में पेश की गयी और उसे मंज़ूरी दे दी गयी। इस प्रस्ताव से विधानसभा अध्यक्ष को विधायी नियमों के अनुसार आप नेताओं के खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू करने की अनुमति मिल गयी।

इस प्रस्ताव को विधायी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने पेश किया। इस दौरान उन्होंने 'फांसी घर' ढांचे के निर्माण से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं को उल्लेख करते हुए कहा कि पिछली सरकार ने एक ऐसे ढांचे पर लगभग 1.05 करोड़ रुपये खर्च कर दिये जो अनाधिकृत है। उन्होंने कहा कि ये पैसे जनता की गाढ़ी कमाई के थे। यह मामला गंभीर है। इस दौरान उन्होंने इससे सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और सदन को गुमराह करने वाले बयानों पर सवाल उठते हैं।

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