बैतूल , जनवरी 07 -- मध्यप्रदेश के बैतूल शहर को पॉलीथिन मुक्त बनाने के उद्देश्य से 'नमस्ते सदा वत्सले' मातृ भूमि मिशन द्वारा घर-घर दस्तक अभियान लगातार 81 दिनों से चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत समाजसेवी प्रतिदिन लगभग 30 घरों में पहुंचकर नागरिकों को प्लास्टिक के दुष्परिणामों से अवगत करा रहे हैं और पॉलीथिन का उपयोग न करने की अपील कर रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाकर भूमिगत जल, नदियों और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है। समाजसेवी लोगों को समझा रहे हैं कि पॉलीथिन और प्लास्टिक कचरा धरती और नदी में फेंकने से जल प्रदूषण बढ़ता है, जिससे मानव जीवन के साथ-साथ पशु और प्रकृति को भी नुकसान होता है।
इस जागरूकता अभियान को शहरवासियों का भी समर्थन मिल रहा है। व्यापारियों, कर्मचारियों, ग्राहकों, माताओं, बहनों और युवाओं को प्लास्टिक मुक्त बैतूल बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान का नेतृत्व स्थानीय समाजसेवी नवल सिंह ठाकुर, अरुण सुहाने, नारायण मिश्रा, पिंकी भाटिया, दीप मालवीय और बबलू दुबे कर रहे हैं।
समाजसेवियों ने नागरिकों से अपील की है कि बाजार जाते समय कपड़े या जूट का थैला साथ लेकर जाएं, पॉलीथिन में सब्जी या अन्य सामान न लें और प्लास्टिक के डिस्पोजल का उपयोग करने से बचें। साथ ही लोगों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे एक-दूसरे को पॉलीथिन का उपयोग न करने के लिए टोकें और रोकें।
अभियान के दौरान लोगों को यह जानकारी भी दी जा रही है कि प्लास्टिक के उपयोग से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इससे बचाव के लिए प्लास्टिक कचरे को केवल कचरा वाहन में ही डालना जरूरी है। इस दौरान कई नागरिकों को प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने का संकल्प भी दिलाया गया।
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