बेंगलुरु , मार्च 04 -- कर्नाटक सरकार ने कहा है कि संघर्ष प्रभावित पश्चिम एशिया में फंसे कर्नाटक के 283 लोगों में से अब तक सिर्फ़ 18 ही घर लौटे हैं।

इससे दक्षिण भारतीय राज्य में परिवारों के सामने मौजूद संकट का पता चलता है। कर्नाटक सरकार की ओर से जारी किए गये आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 18 लोग सुरक्षित वापस आ गए हैं लेकिन उड़ान में रुकावट और इलाके में अस्थिरता के कारण राज्य के 265 लोग अभी भी अलग-अलग खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं।

इनमें से सबसे ज़्यादा लोग संयुक्त अरब अमीरात में 198 फंसे हैं। इसके बाद बहरीन में 31, क़तर में 14, कुवैत में 13, सऊदी अरब और ईरान में चार-चार और तुर्की एक नागरिक फंसा हैं। इनमें से कई श्रमिक और पेशेवर हैं जो पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण एयरस्पेस पर पाबंदियों और उड़ान रद्द होने की वजह से वापसी की उड़ान नहीं ले पाए हैं।

अभी तक सिर्फ़ 18 लोग लौटे हैं, जिससे परिवारों में चिंता बढ़ गई है, खासकर उन ज़िलों में जहाँ खाड़ी देशों से आए लोग ज़्यादा हैं। रिश्तेदार अधिकारियों से अपडेट और तेज़ी से निकालने के तरीकों के लिए संपर्क कर रहे हैं। खाड़ी क्षेत्र को बेंगलुरु से जोड़ने वाली उड़ानों में रुकावट आई है। हाल के दिनों में केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से आने-जाने वाली सेवाओं पर असर पड़ा है। राज्य सरकार ने कहा कि सभी फंसे हुए लोगों का विवरण विदेश मंत्रालय के साथ साझा किया है, ताकि विदेश में भारतीय मिशन के ज़रिए उन्हें आसानी से वापस लाया जा सके। कर्नाटक में आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र अलर्ट पर हैं क्योंकि अधिकारी हालात पर नज़र रख रहे हैं। फंसे हुए लोगों में से कुछ ही लोग लौटे हैं, इसलिए बाकी 265 लोगों की सुरक्षित घर वापसी का रास्ता पक्का करने के लिए तेज़ी से दखल देने का दबाव बनाया जा रहा है।

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