पटना , अप्रैल 11 -- बिहार की खेल और सूचना एवं प्राद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह ने शनिवार को कहा कि संसद के दोनो सदनों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम सितंबर 2023 में पारित हुआ था और अब इस कानून के लागू होने का समय आ गया है और शीघ्र ही संसद के विशेष सत्र में इसकी घोषणा हो जाएगी।

सुश्री सिंह ने आज यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आजादी के 78 वर्ष पूरे होने के बाद महिलाओं को इतना बड़ा हक मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि सितंबर 2023 में संसद के दोनो सदनों से मंजूरी मिलने के बावजूद जनगणना और परिसीमन के इंतजार में यह कानून लागू होने के लिए लटका हुआ था, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने इसकी सभी बाधाओं को हटाने का फैसला किया है और शीघ्र ही इसे मूर्त रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में जनगणना शुरू हो रही है, लेकिन फिलहाल इस अधिनियम के लिए 2011 की जनगणना को ही आधार मानते हुए देश की सभी राज्य विधान मंडलों और संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आरक्षण में एससी एसटी का कोटा भी पुराने आरक्षण नियमों के अनुसार दिया जायेगा।

खेल मंत्री ने फक्र के साथ कहा कि एक प्रदेश के रूप में बिहार समूचे देश में महिला सशक्तिकरण की शिक्षा दे रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में महिला सशक्तिकरण एक क्रमवार विकास के दौर से गुजरा है। उन्होंने कहा कि बिहार की नीतीश सरकार ने पहले पंचायतों में और उसके बाद नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की और उसके बाद सरकारी नौकरियों में उनको 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया।

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