पटना , अप्रैल 13 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश महामंत्री लाजवंती झा ने सोमवार को कहा कि "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" राष्ट्र निर्माण में मील का पत्थर है।

भाजपा नेता लाजवंती झा ने आज नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर कहा कि इतिहास सिर्फ तारीख से नहीं, फैसलों से लिखे जाते हैं। कुछ फैसले सालों तक टाले गए। महिला आरक्षण बिल उनमें से एक है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर वादे हुए, बहस हुई, समर्थन भी मिला, लेकिन नतीजा शून्य रहा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1996 में पहली बार इससे संबंधित बिल आया, लेकिन हंगामे में अटक गया। इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में 1998, 1999, 2003 में बार-बार कोशिश की गयी, लेकिन हर बार हंगामा, रुकावट और देरी हुयी।

भाजपा नेता ने कहा कि इसके बाद 2004 से 2014 तक मनमोहन सिंह की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के पास समय भी था और बहुमत भी थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में राज्यसभा में बिल पास हुआ, लगा अब रास्ता साफ है, लेकिन लोक सभा में कभी लाया ही नहीं गया। साल बीत गए, महिलाएं इंतजार करती रहीं। बातें बहुत हुईं, लेकिन फैसला कभी नहीं हुआ। महिला आरक्षण पर बातें हुईं, वादे हुए, लेकिन फैसले टालते रहे। कई मौके आए, पर बार-बार राजनीति आगे, महिलाएं पीछे रह गईं।

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