अहमदाबाद , दिसंबर 29 -- गुजरात के कच्छ में जल क्रांतिकारी के रूप में प्रसिद्ध 'दामजीभाई एन्करवाला' पर डाक विभाग ने सोमवार को डाक टिकट जारी किया।

गुजरात परिमंडल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल गणेश वी. सावलेश्वरकर और उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने आज कच्छ के जल क्रन्तिकारी के रूप में प्रसिद्ध 'दामजीभाई एन्करवाला' पर एक कस्टमाइज़्ड डाक टिकट (माई स्टैम्प) जारी किया।

श्री. सावलेश्वरकर ने इस अवसर पर कहा कि डाक टिकटों के माध्यम से देश की संस्कृति, इतिहास, विज्ञान और उपलब्धियों को दर्शाया जाता है, जो संचार के साथ-साथ राष्ट्रीय गौरव और विरासत को बढ़ावा देते हैं। दामजीभाई एन्करवाला का जीवन कच्छ और सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित था और उनकी तरह ही युवाओं को मातृभूमि के प्रति अपनी निष्ठा और जिम्मेदारी सदैव स्मरण रखनी चाहिए।

श्री यादव ने कहा कि दामजीभाई एन्करवाला ने कच्छ के जल प्रबंधन में बहुमूल्य योगदान दिया। एक उद्योगपति के साथ-साथ वे प्रसिद्ध समाज सेवी भी रहे। कच्छ के जल योद्धा के रूप में जारी यह डाक टिकट दामजीभाई के व्यक्तित्व, संघर्ष और समाज के प्रति उनके योगदान को देश-विदेश में आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा। डाक टिकट वास्तव में एक नन्हा राजदूत है, जो विभिन्न देशों का भ्रमण करता है और उन्हें अपनी सभ्यता, संस्कृति और विरासत से अवगत कराता है। हर डाक टिकट के पीछे एक कहानी छुपी हुई है और इस कहानी से आज की युवा पीढ़ी को जोड़ने की जरूरत है।

सौराष्ट्र ट्रस्ट के ट्रस्टी अतुल डी शाह ने इस डाक टिकट हेतु भारतीय डाक का आभार जताते हुए अपने पिता दामजीभाई लालजीभाई शाह - एन्करवाला (1937-2023) के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि कच्छ में जन्मे श्री दामजीभाई का सपना डॉक्टर बनने का था, लेकिन सौराष्ट्र और कच्छ में चल रही पानी की समस्या ने उन्हें समाजसेवा और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में अग्रसर किया। कच्छ में व्याप्त जल संकट को उन्होंने अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी माना और इसके समाधान के लिए सतत प्रयास किए। उनके अथक प्रयासों और दूरदर्शिता के कारण सूखा-ग्रस्त कच्छ जिले तक नर्मदा का पानी पहुंच सका। इस ऐतिहासिक पहल से कच्छ के लाखों लोगों के जीवन में स्थायी परिवर्तन आया और क्षेत्र के विकास को नयी दिशा मिली।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित